Illegal coal mining in Nirasa of Dhanbad two killed
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धनबाद के निरसा में धंसी कोयले की अवैध खदान, दो की मौत

Illegal coal mining in Nirasa of Dhanbad two killed

Illegal coal mining in Nirasa of Dhanbad two killed

धनबाद, 16 अक्टूबर: धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुगमा एरिया में कोयले की अवैध माइनिंग के दौरान खदान धंसने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक करीब दर्जन लोगों के खदान में फंसे या मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसा सोमवार सुबह हुआ। 

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मुगमा एरिया के कापासारा में आउटसोर्सिंग पर चलाई जाने वाली ईसीएल की यह खदान पिछले कुछ महीनों से बंद है, लेकिन यहां अवैध तरीके से खनन बदस्तूर जारी है। बताया गया कि रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक दर्जन से ज्यादा लोग खदान में अवैध खनन करने पहुंचे थे। इसी दौरान खदान की चाल (छत) धंस गई। इसके मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव स्थानीय लोग उठा ले गए।

मृतकों में एग्यारकुंड पंचायत के सियारकनाली निवासी यमुना राजवंशी और केशरकूलर निवासी तापस दास के नाम बताए जा रहे हैं। खदान में अब भी एक दर्जन लोगों के फंसे होने की बात कही जा रही है। धंसी खदान के पास लोगों की भीड़ जमा है। इधर ईसीएल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अफसर समाचार लिखे जाने तक मौके पर नहीं पहुंचा है। हालांकि ईसीएल की ओर से जेसीबी मशीन भेजकर धंसी खदान के पास मिट्टी भराई का काम कराया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोग उत्तेजित हैं। वे इस हादसे के लिए ईसीएल को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

मौके पर पहुंचे स्थानीय भाजपा नेता प्रदीप बाउरी और झामुमो नेत्री लक्खी देवी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं आए रोज हो रही हैं, लेकिन लेकिन ईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। न तो सुरक्षा की व्यवस्था है और न ही कोई दीवार या कंटीले तार की घेरेबंदी की गई है। पिछले पांच माह से कापासारा आउटसोर्सिंग खदान बंद पड़ी है और प्रबंधन ने इसे यूं ही खुला छोड़ दिया है। यही वजह है कि यहां लोग अवैध खनन करते हुए हादसों का शिकार होते हैं।